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“डिजिटल रैली में BJP से मुक़ाबला मुश्किल” अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से कहा।

लखनऊ, 8 जनवरी (न्यूज़ गलियारा) समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को चुनाव आयोग द्वारा चुनावी तारीख़ों की घोषणा पर कहा कि अगर चुनाव आयोग यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में राजनीतिक दलों के लिए एक आभासी अभियान के पक्ष में झुकता है तो आयोग को इसे सभी राजनीतिक दलों के लिए एक समान खेल मैदान बनाना चाहिए।

चुनाव आयोग द्वारा नई दिल्ली में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से कुछ घंटे पहले लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन में अखिलेश यादव ने कहा “चुनाव आयोग को राजनीतिक दलों को कुछ फंड देना चाहिए ताकि वे (राजनीतिक दल) एक स्टेप-अप बुनियादी ढांचा तैयार कर सकें क्योंकि हम भाजपा के बुनियादी ढांचे के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते। इसलिए हम अपील करते हैं कि चुनाव आयोग को राजनीतिक दलों को सरकार से कुछ धन प्राप्त करना चाहिए ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी राजनीतिक दल जिनके पास भाजपा की तरह मजबूत ढाँचा नहीं है वे प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हों।

चुनाव आयोग से अखिलेश यादव का अनुरोध एक डिजिटल अभियान चलाने के लिए सपा की तैयारियों पर एक सवाल के जवाब में आया।

चुनावी कार्यक्रम की घोषणा के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा वर्चूअल माध्यम पर ज़्यादा सक्रिय है क्यूँकि उनकी सरकार सत्ता में है और सभी मीडिया और राष्ट्रीय चैनलों पर उन्ही को जगह मिल रही है। सपा इस मामले में भाजपा से बहुत पीछे है। 
चुनाव आयोग ने बढ़ते कोरोना संकट को ध्यान में रखते हुए  वर्चूअल रैली के माध्यम से चुनाव प्रचार करने को राजनीतिक दलों से कहा है। इस पर सपा प्रमुख और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से माँग की है की क्षेत्रिय राजनीतिक दलों को फंड दिया जाए और उन्हें समान अधिकार मिले ताकि वह वर्चूअल रैली करने में सक्षम हो और भाजपा को टक्कर दे सकें।


अखिलेश यादव ने यह भी घोषणा की कि अगर समाजवादी पार्टी 2022 में सत्ता में लौटती है तो समाजवादी पार्टी 2012 के घोषणापत्र की अपनी मुफ्त लैपटॉप योजना को दोहराएगी।

अखिलेश ने कहा, “सभी घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त 300 यूनिट बिजली और किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली देने के पहले वादे के बाद यह दूसरा वादा होगा। जैसा कि सपा सरकार ने अपनी पिछली सरकार में किया था… 2022 में अगर पार्टी सरकार बनाती है, तो वह फिर से युवाओं और छात्रों को उच्च अध्ययन के लिए लैपटॉप देगी। इससे पहले हमने लाखों लैपटॉप दिए थे जिससे कई लाभार्थी स्व-रोजगार प्राप्त कर सके।”

अखिलेश यादव ने पहले ही घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और सिंचाई के लिए किसानों को मुफ्त बिजली, राज्य में जाति जनगणना, किसानों के आंदोलन में मारे गए किसानों के परिवारों को 25 लाख रुपये, किसानों को 5 लाख रुपये, सड़क दुर्घटना में मरने वाले साइकिल चालकों को सांड के हमले में मरने वालों को ₹5 लाख रुपए देने का वादा किया है।

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